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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.120
(21 verses)
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Sanskrit Text
यस्त्वस्य
सहसा
राजन्विकारः
समपद्यत
।
तेन
सुस्राव
रेतोऽस्य
स
च
तन्नावबुध्यत
॥
Padaccheda (Word Analysis)
यद् + तु + इदम् | सहसा | राजन् | विकारः | समपद्यत
तेन | सुस्राव | रेतो | ऽस्य | स | च | तन् | न + अवबुध्
तेन | सुस्राव | रेतो | ऽस्य | स | च | तन् | न + अवबुध्