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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.113
(43 verses)
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Sanskrit Text
अनुज्ञाता
त्वया
देवमाह्वयेयमहं
नृप
।
तेन
मन्त्रेण
राजर्षे
यथा
स्यान्नौ
प्रजा
विभो
॥
Padaccheda (Word Analysis)
अनुज्ञाता | त्वया | देवम् | आह्वयेयम् | अहं | नृप
तेन | मन्त्रेण | राजर्षे | यथा | स्यान् | नौ | प्रजा | विभो
तेन | मन्त्रेण | राजर्षे | यथा | स्यान् | नौ | प्रजा | विभो