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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.106
(14 verses)
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Sanskrit Text
भारतं
सह
भार्याभ्यां
बाणखड्गधनुर्धरम्
।
विचित्रकवचं
वीरं
परमास्त्रविदं
नृपम्
।
देवोऽयमित्यमन्यन्त
चरन्तं
वनवासिनः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
भारतं | सह | भार्याभ्यां | बाण + खड्ग + धनुस् + धर
विचित्र + कवच | वीरं | परम + अस्त्र + विद् | नृपम्
देवो | ऽयम् | इति + मन् | चरन्तं | वन + वासिन्
विचित्र + कवच | वीरं | परम + अस्त्र + विद् | नृपम्
देवो | ऽयम् | इति + मन् | चरन्तं | वन + वासिन्