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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.105
(27 verses)
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Sanskrit Text
खरोष्ट्रमहिषांश्चैव
यच्च
किंचिदजाविकम्
।
तत्सर्वं
प्रतिजग्राह
राजा
नागपुराधिपः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
खर + उष्ट्र + महिष + च + एव | यद् + च | किंचिद् | अजाविकम्
तत् | सर्वं | प्रतिजग्राह | राजा | नागपुर + अधिप
तत् | सर्वं | प्रतिजग्राह | राजा | नागपुर + अधिप