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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.105
(27 verses)
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Sanskrit Text
सर्वराजसु
विख्याता
रूपेणासदृशी
भुवि
।
पाण्डोरर्थे
परिक्रीता
धनेन
महता
तदा
।
विवाहं
कारयामास
भीष्मः
पाण्डोर्महात्मनः
॥
Padaccheda (Word Analysis)
तस्य | कन्या | पृथा | नाम | रूप + असदृश | भुवि
पाण्डोर् | अर्थे | परिक्रीता | धनेन | महता | तदा
विवाहं | कारयामास | भीष्मः | पाण्डोर् | महात्मनः
पाण्डोर् | अर्थे | परिक्रीता | धनेन | महता | तदा
विवाहं | कारयामास | भीष्मः | पाण्डोर् | महात्मनः