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Currently viewing: Parva 1 -
Chapter 1.104
(21 verses)
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Sanskrit Text
पैतृष्वसेयाय
स
तामनपत्याय
वीर्यवान्
।
अग्र्यमग्रे
प्रतिज्ञाय
स्वस्यापत्यस्य
वीर्यवान्
॥
Padaccheda (Word Analysis)
पैतृष्वसेयाय | स | ताम् | अनपत्याय | वीर्यवान्
अग्र्यम् | अग्रे | प्रतिज्ञाय | स्व + अपत्य | वीर्यवान्
अग्र्यम् | अग्रे | प्रतिज्ञाय | स्व + अपत्य | वीर्यवान्